- सरकारी स्कूलों की बदहाली पर सांसद हुड्डा ने उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने झज्जर जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं। जिले में लगातार 2 दिन विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए सांसद ने रूढ़ियावास गांव के सरकारी स्कूल के खराब टॉयलेट का मुद्दा भी उठाया।
कार्यक्रम के दौरान सांसद ने स्कूल के टॉयलेट की तस्वीर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को दिखाते हुए कहा कि डीईओ साहब, एक बार स्कूल में जाकर इन टॉयलेट को आप खुद इस्तेमाल करके देखिए, तब आपको पता चलेगा कि बच्चे किस तरह टॉयलेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। सांसद की इस टिप्पणी के बाद बदहाल टॉयलेट का मामला चर्चा में आ गया।
सरकारी स्कूलों में घट रही बच्चों की संख्या पर भी सवाल
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि झज्जर जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार और शिक्षा विभाग को इस दिशा में गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
शिक्षा बजट को लेकर भी उठाया सवाल
सांसद ने झज्जर जिले के शिक्षा बजट को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि झज्जर जिले के लिए घोषित शिक्षा बजट का केवल करीब एक प्रतिशत हिस्सा ही जिले तक पहुंचा है, जबकि करीब 10 प्रतिशत बजट का प्रावधान बताया गया था। उन्होंने सवाल किया कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है और झज्जर जिले के साथ यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है? इसके लिए कौन जिम्मेदार है?
अधिकारियों के स्कूलों में पहुंचने से ही होगा सुधार?
रूढ़ियावास स्कूल के टॉयलेट की तस्वीर दिखाकर सांसद द्वारा DEO को उसे इस्तेमाल करने की बात कहे जाने के बाद यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सिर्फ कार्यालयों तक सीमित रहने के बजाय नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करना चाहिए।
लोगों का मानना है कि जब अधिकारी खुद स्कूलों में पहुंचकर टॉयलेट, पेयजल, कक्षाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति देखेंगे, तभी कमियों की पहचान होगी और उनमें सुधार की उम्मीद बढ़ेगी।
