- हिमाचली टोपी दीपेंद्र हुड्डा के बयान पर धनखड़ का पलटवार
झज्जर में एक रोज पूर्व सांसद दीपेंद्र हुड्डा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के जल्द हिमाचली टोपी पहनने संबंधी दिए बयान पर भाजपा नेता ओमप्रकाश धनखड़ ने पलटवार किया है। धनखड़ ने कहा कि पगड़ी हो या टोपी, हर राज्य की अपनी परंपरा और पहचान होती है। किसी राज्य की पारंपरिक पोशाक को सिर पर धारण करना उस राज्य के सम्मान की बात है।
धनखड़ ने कहा कि इस तरह के बयान छोटापन का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी हिमाचल प्रदेश में जाकर कई बार हिमाचली टोपी पहन चुके हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हिमाचली टोपी पहनने पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
कांग्रेस के ‘पिछले गियर’ वाले आरोप पर भी तंज
हरियाणा को विकास के मामले में भाजपा सरकार द्वारा पिछले गियर में धकेलने के कांग्रेस के आरोप पर धनखड़ ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि अच्छा होते हुए भी केवल खामियां निकालते रहना ‘नाराज फूफा’ की श्रेणी में आता है। सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों को नजरअंदाज कर केवल कमियां गिनाना उचित नहीं है।
सेवा संकल्प अभियान के प्रभारी बनाए गए धनखड़
धनखड़ शनिवार को झज्जर स्थित गुरु कमल कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान की जानकारी दे रहे थे। उन्होंने बताया कि उन्हें पंजाब, दिल्ली और हरियाणा समेत कई राज्यों में चलने वाले इस अभियान का प्रभारी बनाया गया है। उन्होंने इसे अपने लिए खुशी के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी बताया।
बोले- अंतिम सांस तक देश और पार्टी के लिए काम करने की इच्छा
धनखड़ ने कहा कि उनकी इच्छा है कि उन्हें पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की तरह जीवन के अंतिम दिन तक पार्टी और देश के लिए काम करने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि अब्दुल कलाम ने भी भाषण देते हुए अपने जीवन की अंतिम सांस ली थी।
17 सितंबर को ‘आशीर्वाद के दीए’ से होगी शुरुआत
धनखड़ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक एक माह का सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान दिवाली से पहले ही दिवाली जैसा माहौल देखने को मिलेगा।
अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद के दीए’ जलाकर की जाएगी। भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ भाजपा सरकार की योजनाओं से लाभान्वित लोगों के घरों में भी दीप जलाए जाएंगे। इस दौरान लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आशीर्वाद देने के साथ ‘विकसित भारत’ के निर्माण का संकल्प भी लिया जाएगा। पूरे एक माह तक सेवा, संकल्प और जनसंपर्क से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
