पंजाब में हाल ही में हुए ब्लाक समिति और जिला परिषद चुनाव के दौरान कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही है।

यह कांग्रेस के लिए 2027 के लिए भले शुभ संकेत हैं। मगर प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के लिए यह खतरे की घंटी है।

क्योंकि कांग्रेस उनके गृह जिले श्री अमृतसर साहिब में सबसे बुरे हालात में रही है। उनके मुकाबले कांग्रेस के दूसरे बड़े चेहरे अपने एरिया में अच्छी खासी सीटें बचाने में कामयाब रहे।

इस चुनाव के दौरान सबसे दमदार चेहरे के तौर पर चरणजीत सिंह चन्नी उभरकर सामने आए हैं।

अब जब अमरिंदर सिंह राजा वडिंग का प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त हो चुका है तो उनके हाथ से प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी जाना लगभग तय है।

चुनाव के दौरान श्री मुक्तसर साहिब से कांग्रेस को किसी भी जिला परिषद की सीट पर जीत नहीं मिली है, जबकि वह 9 ब्लाक समिति जीतने में कामयाब रहे हैं।

उनके विरोधी माने जाने वाले गुरदासपुर जिले से आने वाले दो बड़े नेता विधानसभा में विरोधी पक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के क्षेत्र में ठीक-ठाक जीत मिली है।

यहां से कांग्रेस को 63 ब्लाक समिति और 8 जिला परिषद में जीत हासिल हुई है।