• फतेहाबाद में देवेंद्र बोले- ऑफिस बेचकर खा गए, फोटो सेशन की दुकान चला रहे

पूर्व मंत्री एवं बीजेपी के वरिष्ठ नेता देवेंद्र सिंह बबली ने भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद सुभाष बराला को कांग्रेस का एजेंट करार दे दिया। बबली ने कहा कि वे कांग्रेस के एजेंट हैं, उनका क्या जिक्र करना है। वह ऑन रिकॉर्ड बोल रहे हैं। अगर घर की सारी वोट कांग्रेस को न दे रखी हो, तो कहीं भी मंदिर में आ जाएं। हम तो सेवादार लोग हैं, सेवा करने के लिए आए हैं।

सुभाष बराला की सक्रियता को लेकर बबली ने कहा कि अगले को फोटो खिंचवा कर अपनी दुकान भी सजा कर रखनी है। अगर फोटो नहीं खिंचवाएगा तो दुकान कैसे चलेगी। उसकी तो बेचारे की दुकान ही यही है।

देवेंद्र बबली मंगलवार को फतेहाबाद में भाजपा जिला कार्यालय में बजट को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग लेने पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने सुभाष बराला का नाम लिए बिना उन पर जमकर तीखी बयानबाजी की। इस दौरान बीजेपी के जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा और प्रदेश सह मीडिया प्रभारी संदीप आजाद भी मौजूद रहे।

ऑफिस भी बेचकर खा गया

बबली और बराला में समझौते के सवाल पर पूर्व मंत्री ने कहा कि समझौते का मौका आया था, बड़े थे, बड़ापन दिखाते। मगर दिखाया, तो नहीं। पार्टी से सब कुछ लेकर ऑफिस भी बेचकर खा गया। ऑफिस के भी रुपए खा रखे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के लिए बबली ने कहा कि उन्होंने बहुत प्रयास किए थे। मगर जिसकी नीयत में ही गद्दारी हो वह क्या करेगा।

आदमी जहां खड़ा होता है, वहीं का होना चाहिए

बबली ने कहा कि जीवन में एक बात हमेशा रखनी चाहिए कि आदमी जहां खड़ा होता है, वहीं का होना चाहिए। पहले हम मुगलों और फिर गोरों के अधीन रहे। हमारी विडंबना यह रही कि इस तरह की हरकतें करने में लोगों को मजा आता है। हम जनहित के लिए काम कर रहे हैं। मंत्री था, तब प्रदेश में काम कर रहा था। अब टोहाना और फतेहाबाद जिले के लिए काम कर रहा हूं।

बजट को बताया गति देने वाला

देवेंद्र बबली ने इस दौरान प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को विकास को गति देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण के तहत सड़कों, बिजली, पेयजल, डिजिटल सेवाओं और शहरी विकास परियोजनाओं को गति दी जाएगी। शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में नए संस्थानों की स्थापना होगी।

आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाने के प्रयास प्रदेश की सामाजिक संरचना को और सशक्त करेंगे। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए वित्तीय अनुशासन को प्राथमिकता दी गई है।