• हुड्डा सहित कांग्रेस MLA मिले, RO की शिकायत की
  • बोले-लोकतंत्र की हत्या कर रही BJP

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग का मुद्दा सूबे के गवर्नर असीम घोष तक पहुंच गया है। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गवर्नर से शिकायत की। विधायकों ने कहा कि सत्तासीन पार्टी बीजेपी लोकतंत्र की हत्या कर रही है। इस दौरान कांग्रेस ने चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर आईएएस पंकज अग्रवाल के खिलाफ भी शिकायत की।

कांग्रेस विधायकों ने अपनी शिकायत में लिखा है कि राज्यसभा के दो सदस्यों के निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव की प्रक्रिया को सत्ताधारी दल ने नियमों का उल्लंघन किया है। इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया को संचालित कराने वाले आईएएस अधिकारी, रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका भी पक्षपातपूर्ण, अत्यंत अनुचित और निंदनीय थी।

कांग्रेस विधायकों ने लेटर क्या लिखा...

निर्दलीय को मिले 7 वोटों ने चौकाया

हरियाणा विधानसभा में 90 सदस्य हैं। सत्तारूढ़ भाजपा के 48 सदस्य हैं, कांग्रेस के 37 सदस्य हैं, इनेलो के 2 सदस्य हैं और तीन सदस्य निर्दलीय हैं। चुनाव सूत्र के अनुसार, राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 31 वोटों की आवश्यकता होती है। संजय भाटिया भाजपा के उम्मीदवार थे और कांग्रेस ने कर्मवीर सिंह बौध को अपना उम्मीदवार बनाया था।

सामान्य परिस्थितियों में, भाजपा और कांग्रेस दोनों के उम्मीदवारों की जीत निश्चित थी। लेकिन, दूसरी सीट जीतने के लिए आवश्यक संख्या में सदस्यों की कमी के बावजूद, भाजपा ने अपने उपाध्यक्ष सतीश नंदल को 7 भाजपा विधायकों द्वारा स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में खड़ा करके सबको चौंका दिया, जो स्पष्ट रूप से किसी धूर्त इरादे से किया गया था।

राजनीतिक बाजार बना रही बीजेपी

सत्ताधारी दल के इस अनैतिक कृत्य ने हरियाणा विधानसभा की गरिमा को कुचल दिया और इसे एक राजनीतिक बाजार में बदल दिया। सत्ताधारी दल ने राजनीतिक शिकारी की तरह व्यवहार किया और अपने स्वतंत्र उम्मीदवार की जीत के लिए सभी अनैतिक साधनों का सहारा लिया। उन्होंने खुलेआम और बेशर्मी से विधायकों की खरीद-फरोख्त, सौदेबाजी, प्रलोभन, धमकियां, संस्थागत दबाव, बेईमान सौदे और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया। यह सब दिन दहाड़े की गई घोर हत्या थी।

RO की भूमिका पर सवाल उठाए

रिटर्निंग ऑफिसर का आचरण सत्ताधारी पार्टी की कुटिल हेराफेरी और साजिशों को बल देता है। आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल ने भाजपा/स्वतंत्र उम्मीदवार के एजेंट के रूप में संवैधानिक प्राधिकारी के पद के लिए अशोभनीय व्यवहार किया।

उन्होंने जानबूझकर और गैरकानूनी रूप से कांग्रेस विधायकों के वोटों को खारिज कर दिया और भाजपा तथा स्वतंत्र उम्मीदवारों के पक्ष में अमान्य वोटों को स्वीकार कर लिया। उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव परिणाम को प्रभावित करने के लिए मतगणना प्रक्रिया में हेरफेर करने का भी प्रयास किया।

आरओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग

सभी कांग्रेसी विधायकों ने अपने पत्र में लिखा है, हम आपके समक्ष सरकार के अलोकतांत्रिक, अनैतिक और अहंकारी राजनीतिक आचरण को प्रस्तुत करते हैं, जिसने राज्य को कलंकित किया है और जनता की नजर में विधायकों की प्रतिष्ठा को धूमिल किया है, जो देश में लोकतंत्र के लिए एक खतरनाक प्रवृत्ति है।

आपसे निवेदन है कि आप अपनी सरकार को अपने राजनीतिक आचरण में शालीनता, लोकतांत्रिक मानदंडों, अनुशासन और शिष्टता का पालन करने का निर्देश दें और राज्यसभा चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में संदिग्ध भूमिका निभाने वाले आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई करें।