• प्रदेशाध्यक्ष बोले-कई जिले सूखे की चपेट में आएंगे, पांच जुलाई को चैनत जाएंगे

कैथल में इनेलो प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा ने कहा कि इनेलो की ओर से राजस्थान हरियाणा जल समझौते का विरोध किया जाएगा। इनेलो पांच जुलाई को चैनत गांव में समर्थन देने के लिए पहुंचेगी। इसके बाद राज्य कार्यकारिणी की बैठक बुलाई जाएगी और हल्का स्तर पर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। माजरा ने कहा कि 29 जून को हरियाणा व राजस्थान के सीएम और देश के गृह मंत्री के बीच समझौता हुआ। इसमें 1994 की सभी टर्म कंडीशन दोहराई गई। अगर हथिनीकुंड बैराज से हरियाणा का पानी राजस्थान को दे दें तो यमुनानगर, पानीपत, करनाल, सोनीपत, फरीदाबाद और पलवल पर इसका विपरीत असर पड़ेगा। जिसे सूखे की चपेट में आ जाएंगे।

3900 करोड़ रुपए जमीन अधिग्रहण पर लगेंगे

रामपाल माजरा बुधवार को अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस योजना पर 33 से 34 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे और ताजेवाला से चुरू तक अंडरग्राउंड पाइप लाइन बिछेगी तो वह 295 किलोमीटर लंबी होगी। उसमें 3900 करोड़ रुपए जमीन अधिग्रहण पर लगेंगे। उसके बाद भी राजस्थान को केवल मानसून सीजन में सवा सौ क्यूसेक पानी ही मिलेगा। अब हरियाणा सरकार ने केंद्र के सामने हरियाणा के अधिकारों को गिरवी रख दिया है।

हरियाणा के अधिकार गिरवी रख दिए

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले 1994 में ही यमुना जल समझौते में हरियाणा के अधिकार गिरवी रख दिए थे। 12 मार्च 1954 को 50 साल के लिए समझौता हुआ था, लेकिन सरकार के दबाव में इसे 10 साल पहले ही खोल दिया गया। इसमें हरियाणा को यमुना के पानी का 67 प्रतिशत हिस्सा दिया गया था और यूपी को 33 प्रतिशत हिस्सेदारी दी गई थी। अपनी कुर्सी बचाने के चक्कर में कांग्रेस ने समझौता कर लिया और केंद्र सरकार के सामने घुटने टेक दिए। इससे हरियाणा का पानी 67 से घटाकर 46 प्रतिशत कर दिया गया। इसका इनेलो ने डटकर विरोध किया। इनेलो के विधायकों ने अपने इस्तीफे तक दे दिए थे, ताकि प्रदेश के हितों की रक्षा हो सके।

भाजपा ने किसानों के हकों की रक्षा नहीं की

आज प्रदेश का पानी जिस प्रकार से राजस्थान ने चाहा, उसी प्रकार की कंडीशन हरियाणा सरकार ने मान ली। ऐसे में भाजपा ने किसानों के हकों की रक्षा नहीं की। इसके खिलाफ इनेलो की ओर से जनजागरण अभियान शुरू किया जाएगा। सरकार हरियाणा के गांवों को पानी देने की बजाय राजस्थान को पानी देने चली है। कितने दिनों से चैनत गांव के लोग धरने पर बैठे हैं, उनको पानी नहीं मिल रहा और सरकार राजस्थान को पानी दे रही है।

पांच जुलाई को चैनत गांव में समर्थन देने के लिए पहुंचेगी इनेलो

अब इनेलो पांच जुलाई को चैनत गांव में समर्थन देने के लिए पहुंचेगी। जनजागरण अभियान में लोगों को बताया जाएगा कि हरियाणा के पानी पर डाका डाला गया है। हरियाणा में भमिगत जलस्तर पहले ही घट रहा है। हांसी बुटाना, दादूपुर नलवी और एसवाईएल में पानी नहीं है। ये भी भाजपा ने बंद की हैं। अब राजस्थान को पानी देने के फैसले का इनेलो द्वारा डटकर विरोध किया जाएगा। इसके लिए चाहे उन्हें जेल जाना पड़े, वे जाने को तैयार हैं।