- अभय चौटाला ने पार्टी की सदस्यता दिलाई, बोले- जेजेपी-कांग्रेस ने जनता का भरोसा खोया
सोनीपत की राई विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार को इनेलो को राजनीतिक मजबूती मिली, जब जननायक जनता पार्टी (जजपा) के नेता और राई से पूर्व प्रत्याशी अजीत आंतिल ने एक बार फिर अपने समर्थकों के साथ इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) का दामन थाम लिया।
खेवड़ा स्थित उनके आवास पर आयोजित कार्यक्रम में इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने अजीत आंतिल, भाजपा नेता महेंद्र कटारिया सहित सैकड़ों समर्थकों को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान अभय चौटाला ने इसे इनेलो के बढ़ते जनाधार का संकेत बताते हुए जजपा, कांग्रेस और भाजपा पर भी राजनीतिक निशाना साधा।
राजनीति में उतार-चढ़ाव आते हैं, कार्यकर्ता का सम्मान जरूरी
अभय चौटाला ने अजीत आंतिल की घर वापसी पर कहा कि इनेलो ने संघर्ष का कठिन दौर देखा है, लेकिन कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन वही पार्टी मजबूत होती है, जिसका संगठन मजबूत हो और जहां कार्यकर्ताओं को सम्मान मिले।
उन्होंने कहा कि कुछ स्वार्थी लोगों ने कभी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भ्रमित कर अपने साथ ले जाने की कोशिश की थी, लेकिन “काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती।”
जजपा और कांग्रेस ने जनता का भरोसा खो दिया
अभय चौटाला ने कहा कि लोगों ने जजपा को एक बार मौका दिया, लेकिन उसने केवल अपना स्वार्थ पूरा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जजपा नेताओं ने चौधरी देवीलाल की नीतियों को भाजपा के चरणों में रख दिया।
वहीं कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए कांग्रेस को भाजपा के यहां गिरवी रख दिया। उन्होंने कहा कि आज दोनों दलों पर जनता का भरोसा कमजोर हुआ है, जबकि लोगों का विश्वास लगातार इनेलो की ओर बढ़ रहा है।
हमने हमेशा जनता की लड़ाई लड़ी, सत्ता की नहीं
इनेलो सुप्रीमो ने कहा कि उनकी पार्टी ने कभी अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने के लिए राजनीति नहीं की, बल्कि हमेशा आम लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए जिनसे आम जनता परेशान हुई। बुढ़ापा पेंशन रोकने की कोशिश हुई तो इनेलो ने विरोध किया। किसानों को फसल बेचने में दिक्कतें आईं और सरकार ने कई शर्तें लगाईं, तब भी इनेलो किसानों के साथ खड़ी रही।
SYL का पानी मिले बिना पाइपलाइन नहीं जाने देंगे
पानी के मुद्दे पर अभय चौटाला ने कहा कि सरकार ने हाल ही में पानी को लेकर एक एमओयू (MoU) साइन किया है, लेकिन इनेलो तब तक इस पाइपलाइन को आगे नहीं जाने देगी, जब तक हरियाणा को एसवाईएल (SYL) का पानी नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हक के पानी के लिए उनकी पार्टी लगातार संघर्ष करती रहेगी।
अजीत आंतिल को सम्मान का भरोसा
अभय चौटाला ने कहा कि राई हल्के से अजीत आंतिल अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ दोबारा इनेलो में लौटे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी में उन्हें पहले से भी अधिक सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जजपा की राजनीतिक जमीन तो विधानसभा चुनाव में हार के साथ ही खत्म हो गई थी और अब उसके नेता लगातार इनेलो में लौट रहे हैं।
पेपर लीक आंदोलन को बताया युवाओं की आवाज
पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे आंदोलन पर अभय चौटाला ने कहा कि इनेलो शुरू से ही छात्रों के आंदोलन के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक संगठन का आंदोलन नहीं बल्कि युवाओं की आवाज है।
उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ सरकार बातचीत की बात करती है और दूसरी तरफ छात्रों पर लाठीचार्ज करवाती है। ऐसे आंदोलनों को दबाया नहीं जा सकता, बल्कि वे पूरे देश में फैलते हैं।
धर्मेंद्र प्रधान से मांगा इस्तीफा
उन्होंने कहा कि पहले किसी बड़ी घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मंत्री इस्तीफा दे देते थे। अगर किसान आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी गलती स्वीकार कर सकते हैं तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी पेपर लीक मामले में माफी मांगकर इस्तीफा देना चाहिए।
चनोत गांव और किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
अभय चौटाला ने चनोत गांव के पेयजल संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वहां महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को दो महीने तक परेशान किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने किसानों से लेकर आम नागरिक तक सभी को परेशान किया है और जनता अब बदलाव चाहती है।
हाइड्रोजन ट्रेन को लेकर भी उठाए सवाल
अभय चौटाला ने केंद्र और राज्य सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा ने हाइड्रोजन ट्रेन चलाने का दावा किया, लेकिन बाद में सामने आए एक वीडियो में उसके आगे डीजल इंजन लगा दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि सरकार केवल प्रचार कर रही है, जबकि वास्तविकता कुछ और है
