• हिसार में बाथरूम पर भजनलाल लिखने पर विवाद

हिसार में बाथरूम पर ‘भजनलाल’ लिखने पर विवाद खड़ा हो गया है। उनके समर्थकों कुलदीप बिश्नोई का नाम लेकर भी नाराजगी जताई है। राष्ट्रीय किसान संघ बीकानेर के जिलाध्यक्ष धर्मपाल मगरा ने इस पर आपत्ति जताते हुए एक वीडियो भी जारी किया है।

इस पर यूजर्स लिख रहे हैं कि बार-बार पार्टी छोड़ने पर इस तरह की इज्जत मिलती है, भाई साहब। एक यूजर ने तो यहां तक लिख दिया, भजनलाल का नाम नीचे गिरा दिया। कुलदीप बिश्नोई आपको शर्म आनी चाहिए।

नलवा से BJP विधायक रणधीर पनिहार ने 22 सितंबर को चौधरीवास गांव में शौचालय, वाटर कूलर का उद्घाटन किया था। यहां लगाए गए उद्घाटन के पत्थर पर सबसे ऊपर ‘युग पुरुष स्वर्गीय भजनलाल चौक’ लिखा हुआ था।

भजनलाल के नाम के ऊपर ‘ओम’ का चिह्न भी बना हुआ है। उद्घाटन पत्थर पर कुलदीप बिश्नोई का नाम भी लिखा हुआ गया। हालांकि वे कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे।

शौच वाली जगह पर नाम लिखवाना गलत: राष्ट्रीय किसान संघ बीकानेर के जिलाध्यक्ष धर्मपाल ने करीब ढाई मिनट का एक वीडियो जारी किया है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के पूर्व संरक्षक और बिश्नोई रत्न चौधरी भजनलाल का नाम शौचालय के प्रवेश द्वार पर पट्टिका के रूप में चिपकाना सम्मान नहीं है। वहां लोग हाथ धोते हैं, शौच के लिए जाते हैं।

कुलदीप बिश्नोई को दी नसीहत: उन्होंने पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई पर सवाल उठाते हुए कहा, साथ रहने वाले नेताओं को मर्यादा का मान नहीं रहा, लेकिन आप (कुलदीप बिश्नोई) तो चौधरी साहब के बेटे हैं। आपको सोचना चाहिए था कि आपके पिता के नाम की पट्टिका कहां लगाई जा रही है।

गांव का नाम भजनलाल नगर कर देते: धर्मपाल ने तंज कसते हुए कहा कि अगर चौधरी भजनलाल के नाम पर कुछ यादगार बनाना ही था, तो कोई बढ़िया लाइब्रेरी, पार्क, धर्मशाला, सड़क या कोई शैक्षणिक संस्थान बनाते। यहां तक कि मोहमदपुर रोही गांव का नाम बदलकर भजनलाल नगर करवा देते, लेकिन कुलदीप के क्षेत्र में उनके नाम का ऐसा इस्तेमाल दुखद है।

36 बिरादरी और समर्थकों का अपमान: धर्मपाल ने कहा 24 घंटे चौधरी परिवार के साथ रहने वाले नलवा विधायक रणधीर पनिहार ने 22 सितंबर को इस शौचालय का उद्घाटन करवाया। यह पट्टिका लगवाई। ऐसा मान-सम्मान देकर बिश्नोई समाज और चौधरी भजनलाल को चाहने वाली 36 बिरादरी का अपमान किया गया है।

पनिहार बोले- शौचालय बुरी चीज नहीं

इस मामले में भाजपा विधायक रणधीर पनिहार का कहना है कि शौचालय कोई बुरी चीज नहीं होती। वैसे भी उस पर चौधरी भजनलाल चौक लिखा गया है। स्व. भजनलाल जी का नाम नहीं लिखा गया है।

चौक का नाम चौधरी भजनलाल के नाम पर किया है। विरोध का यह तरीका सही नहीं है। शौचालय पर कहीं भी चौधरी भजनलाल जी का नाम नहीं लिखा है। अगर कोई उस पत्थर को ध्यान से पढ़ेगा, तो उसे सबकुछ समझ में आ जाएगा।

पत्थर पर भव्य के नाम को लेकर हो चुका विवाद…

पूर्व विधायक को ‘विधायक’ लिखा था

कुछ महीनों पहले एक उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के पोते भव्य बिश्नोई के प्रोटोकॉल तोड़ने का एक मामला सामने आया था। उन्होंने आदमपुर में खुद को विधायक दिखाकर खाल (खेतों में पानी पहुंचाने वाली छोटी नहर) का उद्घाटन कर दिया।

वहां लगे उद्घाटन पत्थर में उनके नाम के नीचे विधायक लिखा हुआ था। हालांकि, इस बारे में जब सुंडावास गांव के सरपंच संपत सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि गलती से पत्थर मिस प्रिंट हो गया था। बाद में इसे बदल दिया था।

उद्घाटन बोर्ड को ट्रैक्टर पर रख फीता कटवाया

गांव डोभी में उद्घाटन बोर्ड को ट्रैक्टर के हल पर रखकर फीता कटवाया गया था। भव्य बिश्नोई ने इसका फीता काटा था। भव्य बिश्नोई ने यह फोटो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की, जिसके बाद उन्हें ट्रोल किया जाने लगा।

लोग कमेंट कर पूछने लगे कि उद्घाटन गली का किया गया है या हल का। हालांकि जब मामला उजागर हुआ तो डोभी के सरपंच आजाद सिंह ने विवाद से बचने को बोर्ड को चिनवा दिया था।