• पूर्वांचली नहीं, सभी हिंदुस्तानी वाले बयान पर घमासान

फरीदाबाद में पूर्वांचली समाज को लेकर कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। पूर्व एनआईटी विधायक नीरज शर्मा ने केन्द्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के उस बयान पर पलटवार किया। जिसमें गुर्जर ने कहा था कि हमारे लिए ना कोई पूर्वांचली है, ना कोई प्रवासी है। हम सब हिन्दुस्तानी है। बिहार के लोग जो फरीदाबाद में रहते है, वो हमारे हरियाणवी भाई है।

ये हताश और निराश लोग है, जिनको लोगों ने ठुकरा दिया है। आज वो गलत बातें कर रहे है, क्योंकि नीचे से जमीन खिसक गई है। कोई भी ताकत हमारे बिहारी और पूर्वांचली समाज के लोगों को बरगला नही सकती।

नीरज शर्मा में इस बयान के पलटवार में गालियां यूज करते हुए कहा कि अगर कृष्णपाल गुर्जर कह रहे है कि बिहारी समाज उनके कलेजे का टुकड़ा है, तो फरीदाबाद के अंदर उस टुकड़े की मां-बहन हो रही है। ऐसे अधिकारी को क्यों नही रोक रहे, केलेजे के टुकड़े को मां-बहन बोल रहा है।

 

ये वो लोग, जिन्होंने सत्ता की मलाई खाई- विधायक

नीरज शर्मा के इस बयान के बाद राजनीति पूरी तरह से गरमा गई है। एनआईटी के विधायक सतीश फागना ने नीरज शर्मा को घेरते हुए कहा कि ये वो लोग है, जिन्होंने सत्ता की मलाई खाई है। अब सत्ता से बाहर बैठे है मर्यादा भूल चुके है। एक पूर्व विधायक को इस तरह की बाततीच शोभा नही देती है। कांग्रेस नेताओं की भाषा हमेशा से ही गालीबाज जैसी रही है।

उन्होंने कहा कि इससे हमारे बिहारी समाज और पूर्वांचली समाज में भारी नाराजगी है और नीरज शर्मा के खिलाफ विरोध का मोर्चा खोला जाएगा।

हांलाकि इसको लेकर नीरज शर्मा ने अपनी सफाई में एक वीडियो जारी किया है। उन्होंने कहा कि जब एक अधिकारी ने हमारे बिहारी और पूर्वांचली समाज के लोगों को गाली दी। वो बीजेपी के किसी भी नेता मंत्री को नजर नही आई, लेकिन जब उन्होंने अपना दुख बताकर बयान किया, तो उसमें सबको गाली नजर आ गई।

जानिए कैसे और कहां से हुई शुरूवात

अगस्त में सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो सामने आया था। नीरज शर्मा ने दावा किया था कि इसमें नगर निगम के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर (SE) ओमवीर सिंह एक पार्षद के पति से बातचीत के दौरान बिहार और पूर्वांचल से जुड़े व्यक्ति के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

विवाद बढ़ने के बाद ओमवीर सिंह ने माफी मांगते हुए कहा था कि उनका किसी की भावनाएं आहत करने का इरादा नहीं था।

छुट्टी के दिन तबादला, 18 दिन बाद वापसी

विवाद के बीच 30 अगस्त को सरकार ने ओमवीर सिंह का फरीदाबाद से यमुनानगर तबादला कर दिया था। वह करीब 37 साल से फरीदाबाद में तैनात थे। इसके बाद 18 दिन बाद सरकार ने उनका तबादला बदलते हुए दोबारा फरीदाबाद में तैनाती दे दी। तबादला बदलने का विस्तृत कारण आदेश में स्पष्ट नहीं किया गया।

नीरज शर्मा ने एक बार फिर से सरकारी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब वापस बुलाना था को तबादला करने की नौंटकी करने की क्या जरूरत थी।

गुर्जर बोले- विरोधियों के पैरों के नीचे जमीन नहीं

हाल में ही कृष्णपाल गुर्जर ने एक समारोह में बयान देते हुए कहा कि बिहारी और पूर्वांचली समाज के लोग हमारे भाई है। फरीदाबाद में कोई प्रवासी नही है, जो हरियाणा में रह रहा है, वह हरियाणवी है। उन्होंने कहा कि जो लोगों को बरगलाने का काम कर रहे है उनके पैरों के नीचे जमीन नही बची है, लेकिन लोग इनके बहकावे में आने वाले नही है।

शर्मा ने गुर्जर पर किया पलटवार

24 सितंबर को गुर्जर के इस बयान पर पलटवार करते हुए नीरज शर्मा ने अपने बयान में कुछ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। हांलाकि उन्होंने इसके बाद एक वीडियो भी जारी कर कहा कि एक अधिकारी ने बिहारी और पूर्वांचली समाज के लोगों को गाली दी वो किसी को नही दिखी, लेकिन उन्होंने केवल अपने मन की विथा बताने की कोशिश की उसमें इन बीजेपी वालों को गाली दिख गई।

 

NIT विधायक बोले- कांग्रेस का गालीबाज कल्चर

एनआईटी विधायक सतीश फागना ने नीरज शर्मा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा किसी समाज को अलग-अलग नजर से नहीं देखती। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया कि सत्ता से बाहर होने के बाद वे पूर्वांचली समाज को निशाना बना रहे हैं। कांग्रेस का कल्चर शुरू से ही गालीबाज रहा है।

2 अक्टूबर की महापंचायत ने बढ़ाई राजनीति

इसी विवाद के बीच नीरज शर्मा ने 2 अक्टूबर को तिलपत में महापंचायत का ऐलान किया है और पूर्वांचली समाज के लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है।

फिलहाल एक तरफ भाजपा नेता पूर्वांचली समाज को अपना भाई और परिवार का हिस्सा बता रहे हैं, वहीं नीरज शर्मा कथित आपत्तिजनक ऑडियो और अधिकारी की वापसी को मुद्दा बनाकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी लगातार तेज हो रही है।