• करनाल पहुंचे पूर्व मंत्री संपत सिंह ने भाजपा-कांग्रेस पर साधा निशाना

इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व मंत्री संपत सिंह ने नूंह में हुई पार्टी की सम्मान दिवस रैली को लेकर इनेलो कार्यकर्ताओं को बधाई दी। करनाल में उन्होंने कहा कि हरियाणा के एक कोने में इतनी बड़ी रैली होना पार्टी की मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि रैली ने इनेलो के पुराने दिनों की याद दिला दी।

संपत सिंह ने कहा कि 1980 से 1987 और उसके बाद 1991 से 2005 तक इनेलो की बड़ी राजनीतिक पकड़ रही है। उनके अनुसार लंबे समय बाद प्रदेश में इनेलो की इतनी बड़ी रैली हुई है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आज भाजपा के पास बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों के नाम पर इवेंट मैनेजमेंट है, लेकिन नूंह की रैली में कार्यकर्ताओं और आम लोगों की भागीदारी दिखाई दी।

उन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों पर जनता की सुविधाएं प्रभावित करने का आरोप लगाया। संपत सिंह ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में जमीन अधिग्रहण को लेकर लोगों को परेशानी हुई, जबकि भाजपा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं कमजोर हुई हैं।

सरकारी कॉलेजों की स्थिति पर उठाए सवाल

पूर्व मंत्री ने प्रदेश में सरकारी कॉलेजों की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई नए कॉलेजों के पास पर्याप्त भवन, लाइब्रेरी, लैब और प्रोफेसर तक नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि जुलाई के अंत तक हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में औसतन करीब 29 प्रतिशत ही दाखिले हुए थे। उनके अनुसार कॉलेजों की संख्या बढ़ाई गई, लेकिन जरूरी स्टाफ और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध नहीं कराया गया।

संपत सिंह ने रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पदों की संख्या और चयन को लेकर युवाओं में निराशा है। उन्होंने दावा किया कि हजारों पदों की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद बाद में बहुत कम नियुक्तियां हुईं। उनके अनुसार इससे युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित हुए हैं।

वोटर लिस्ट और चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल

वोट चोरी के मुद्दे पर संपत सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब सार्वजनिक तौर पर दिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करने को लेकर सवाल उठाए और कहा कि सरकार को किसानों, कर्मचारियों और आम लोगों के सवालों का खुलकर जवाब देना चाहिए।

संपत सिंह ने रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पदों की संख्या और चयन को लेकर युवाओं में निराशा है। उन्होंने दावा किया कि हजारों पदों की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद बाद में बहुत कम नियुक्तियां हुईं। उनके अनुसार इससे युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि टिकट वितरण और निर्दलीय उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से पार्टी को नुकसान हुआ। साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में इनेलो को प्रदेश में विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। पंचायती चुनाव लड़ने के सवाल पर संपत सिंह ने कहा कि चुनाव पार्टी का विषय है। जब समय आएगा, पार्टी बैठक कर इस पर फैसला करेगी।