- गुरुग्राम विधायक बोले-राव इंद्रजीत मेरे ‘राम’, मैं उनका हनुमान
राव इंद्रजीत सिंह मेरे लिए राम हैं और मैं उनके हनुमान की तरह हूं। हनुमान के समर्पण में कभी कोई फर्क नहीं आ सकता। जैसे वे पहले राम (राव इंद्रजीत) के निष्ठावान सेवक थे, आगे भी वैसे ही निस्वार्थ भाव से जनता की सेवा में समर्पित रहेंगे।
ये शब्द है भाजपा विधायक मुकेश शर्मा पहलवान के, जिन्होंने गुरुग्राम में हुए कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को अपना ‘राम’ कहा और खुद को उनका ‘हनुमान’ बताया। दिलचस्प यह भी रहा है कि जब मुकेश ने ये बातें कही, तो मंच पर कैबिनेट मंत्री और राव इंद्रजीत सिंह की बेटी व अटेली से विधायक आरती सिंह राव भी मौजूद थीं।
मुकेश यहीं नहीं रुके, उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से अपनी और आरती राव की मुलाकात का वह किस्सा भी सुनाया, जिसमें अटेली विधायक ने खुद को ‘राव इंद्रजीत सिंह की बेटी’ न बताकर अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में पेश किया।
यह पहली बार नहीं है, जब राव इंद्रजीत के लिए इस तरह शब्दों का इस्तेमाल किया गया हो। इससे पहले पटौदी से BJP विधायक बिमला चौधरी ने राव इंद्रजीत को ‘भगवान’ बताया था। तब भी यह मामला काफी चर्चा में रहा था।
भाजपा विधायक ने मंत्री आरती राव के सामने कही ये बातें…
आरती राव ने नहीं भुनाया पिता का नाम: मुकेश शर्मा ने मंच से बताया कि जब वे और आरती राव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले, तो उन्होंने खुद को ‘राव इंद्रजीत सिंह की बेटी’ बताकर अपने पिता का नाम नहीं भुनाया। उन्होंने खुद को एक अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी (एशियन गेम्स प्रतिभागी और कॉमनवेल्थ मेडल विजेता) के रूप में पेश किया। उनकी इस सोच और काबिलियत की पीएम मोदी ने भी जमकर तारीफ की।
मैं हमेशा राम का सेवक रहूंगा: संबोधन के दौरान जब मंच से मुकेश शर्मा को ‘हनुमान’ कहा गया, तो उन्होंने कहा कि हनुमान के समर्पण में कभी कोई फर्क नहीं आ सकता। जैसे वे पहले राम के निष्ठावान सेवक थे, आगे भी वैसे ही निस्वार्थ भाव से जनता की सेवा में समर्पित रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र की बहनों को जो प्रेरणा और साहस मिला है, वह दक्षिण हरियाणा के ‘बब्बर शेर’ राव इंद्रजीत सिंह के आशीर्वाद का ही नतीजा है।
5600 एकड़ जमीन को सुखना झील जैसा बनाए: विधायक ने दौलताबाद, मोहम्मदपुर, धर्मपुर, खेड़की माजरा और चंदू-बुढ़ेड़ा समेत 7 गांवों की 5,600 एकड़ ज़मीन का गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि पिछले 24 सालों से यहां केवल पानी भरा हुआ है, जिससे किसानों को न तो मुआवजा मिला और न ही कोई विकास हुआ। उन्होंने मांग रखी कि चंडीगढ़ की सुखना झील की तर्ज पर यहां भी एक खूबसूरत झील जाएं, ताकि लोग बोटिंग करने आ सकें।
उम्मीद पर दुनिया कायम: मुकेश शर्मा ने बताया कि राव साहब ने गुड़गांव की MCG और GMDA मीटिंगों से लेकर केंद्र सरकार तक इस 5600 एकड़ के मुद्दे को हर बार प्रमुखता से उठाया है। जब आरती राव ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि ‘काम कराने वाले तो आपके अपने विधायक हैं’, तो मुकेश शर्मा ने कहा कि उम्मीद पर ही दुनिया कायम है और वे अपने परिवार की तरह हक से अपनी मांग रख रहे हैं। इस पर आरती राव ने भी अपनी पूरी ताकत लगाकर काम को पूरा कराने का भरोसा दिया।
सिविल अस्पताल के मुद्दे पर मंत्री के खिलाफ आक्रामक हैं मुकेश
गुरुग्राम के सिविल अस्पताल के निर्माण को लेकर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव और विधायक मुकेश शर्मा पहलवान इस मुद्दे पर कैबिनेट मंत्री राव नरबीर पर बेहद आक्रामक हैं। आरती राव ने सीधा आरोप लगाया कि कुछ लोग निजी हितों के कारण अस्पताल का निर्माण नहीं होने देना चाहते।
उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि मौजूदा विधायक के सामने खुले तौर पर बोला जा चुका है, “मैं इस अस्पताल को बनने नहीं दूंगा”। माना जा रहा है कि राव नरबीर सिंह अस्पताल की जगह बदलने के पक्ष में हैं, जबकि आरती राव ने साफ किया कि अस्पताल पुरानी जगह सिविल लाइन में ही बनेगा।
अब जानिये विधायक बिमला चौधरी ने राव को लेकर क्या कहा
इंद्रजीत को बताया अपना भगवानः 21 दिन पहले गांव डाबोदा में शहीद नरेश कुमार की प्रतिमा का अनावरण कार्यक्रम रखा गया था। इसमें पटौदी की विधायक बिमला चौधरी ने माइक संभालते ही कहा-मैंने तो भगवान के रूप में आपको देखा है। मैंने भगवान के रूप में ऊपर वाला तो नहीं देखा, लेकिन मेरे भगवान तो इंद्रजीत जी हैं। जिसके घर में एक चौकीदार भी नहीं, उस घर से आपने चंडीगढ़ की असेंबली में बिठाया।
दक्षिण हरियाणा का भाग्यविधाता कहाः बिमला चौधरी ने कहा-दक्षिणी हरियाणा की राजनीति और विकास बिना राव साहब के मुमकिन ही नहीं है। मैं आपका तहे दिल से धन्यवाद करती हूं। मैं अपने बच्चे से यहीं कहूंगी, आपकी सेवा करते रहेंगे। हमेशा तत्पर रहेंगे।
राव के लिए खट्टर से बगावत की थी बिमला चौधरी ने
बिमला चौधरी पहली बार साल 2014 में पटौदी रिजर्व सीट से विधायक बनीं। बताया जाता है कि बिमला चौधरी ने राव इंद्रजीत के इशारे पर कुछ विधायकों के साथ तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के खिलाफ बगावत की थी और प्रेसवार्ता कर खट्टर पर कई गंभीर आरोप लगाए थे।
इसी वजह से 2019 में पार्टी ने उनका टिकट काटकर सत्यप्रकाश जरावता को प्रत्याशी बनाया था। साल 2024 में राव इंद्रजीत दोबारा बिमला चौधरी को टिकट दिलाने में कामयाब रहे और वो दूसरी बार विधायक बनीं।
