- महेंद्रगढ़ में कांग्रेस का सम्मेलन बना चर्चा का मंच
महेंद्रगढ़ जिले के सतनाली में कांग्रेस का ब्लॉक कार्यकर्ता सम्मेलन संगठन को मजबूत करने के लिए था, लेकिन सम्मेलन के बाद सामने आए वीडियो ने स्थानीय कांग्रेस की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। मंच पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा मौजूद थे और सामने कार्यकर्ता बैठे थे।
इसी दौरान 2 ऐसे मौके आए, जिनकी चर्चा अब सोशल मीडिया से लेकर कांग्रेस के स्थानीय गलियारों तक हो रही है। एक तरफ राव दान सिंह ने चुनाव में अपेक्षित वोट नहीं मिलने की अपनी पीड़ा सार्वजनिक तौर पर रखी, तो दूसरी तरफ जिलाध्यक्ष सत्यवीर झूकिया के सम्मान के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं की टिप्पणी ने मंच का माहौल बदल दिया।
सम्मान की घोषणा हुई तो कार्यकर्ताओं ने ही उठा दिया सवाल
सम्मेलन के एक वीडियो में मंच से जिला कांग्रेस अध्यक्ष सत्यवीर झूकिया को सम्मानित करने के लिए उनका नाम लिया जाता है। इसी दौरान कुछ कार्यकर्ता कथित तौर पर यह कहते सुनाई देते हैं कि ‘इन्होंने वोट ही नहीं दिलाए, इनका सम्मान क्यों कर रहे हो?’
मुस्कुराते रहे दान सिंह
इस दौरान मंच पर खड़े राव दान सिंह इस पर मुस्कुराते हुए कार्यकर्ताओं को शांत रहने का इशारा करते नजर आते हैं। खास बात यह रही कि उस समय पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी मंच पर मौजूद थे। कुछ ही सेकंड के इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद स्थानीय कांग्रेस संगठन को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
राव दान सिंह बोले- विकास कराया, फिर भी वोट नहीं मिलते
दूसरे वीडियो में राव दान सिंह चुनावी हार की अपनी पीड़ा खुलकर रखते दिखाई दे रहे हैं। उनके संबोधन का सार यह है कि क्षेत्र में उन्होंने विकास कार्य करवाए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें यहां से अपेक्षित वोट नहीं मिले और चुनाव में इसका नुकसान हुआ।
राव दान सिंह ने लोगों से साथ देने की अपील करते हुए कहा कि यदि क्षेत्र के लोग उनका साथ दें तो वे चुनाव जीत सकते हैं। चुनावी समर्थन को लेकर मंच से कही गई यह बात अब सम्मेलन की सबसे ज्यादा चर्चा वाली बातों में शामिल हो गई है।
सतनाली सम्मेलन में हुड्डा ने भी राव दान सिंह के समर्थन में कार्यकर्ताओं को संगठन मजबूत करने का संदेश दिया था। हुड्डा ने कार्यकर्ताओं से राव दान सिंह को मजबूत करने और क्षेत्र के विकास के लिए साथ देने की अपील की।
जिलाध्यक्ष बोले- मेरे गांव और बूथ से तो जीत मिली
वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष सत्यवीर झूकिया ने कार्यकर्ताओं की टिप्पणी पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनके गांव और बूथ से राव दान सिंह चुनाव जीतकर निकले हैं। ऐसे में यह कहना कि उन्होंने वोट नहीं दिलाए, सही नहीं है।
झूकिया ने कहा कि कुछ कार्यकर्ताओं को पद नहीं मिलने के कारण निराशा हो सकती है और वे ऐसी बातें कह सकते हैं। उनका कहना है कि संगठन में सभी कार्यकर्ताओं की अपनी भूमिका है।
संगठन मजबूत करने आए थे, मंच पर खुल गई ‘वोट’ की बात
सतनाली सम्मेलन का घोषित मकसद कार्यकर्ताओं को एकजुट करना और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना था। सम्मेलन में शिक्षा, रोजगार, किसान, विकास और संगठन से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए।
लेकिन सम्मेलन के बाद चर्चा इन मुद्दों से ज्यादा मंच पर हुई दोनों घटनाओं की है। एक तरफ राव दान सिंह की ‘वोट नहीं मिलने’ की पीड़ा, दूसरी तरफ जिलाध्यक्ष के सम्मान पर कार्यकर्ताओं की ‘वोट दिलाने’ वाली टिप्पणी। यानी जिस सम्मेलन में कांग्रेस संगठन को एकजुट करने का संदेश दिया गया, उसी के मंच से स्थानीय संगठन और चुनावी प्रदर्शन को लेकर सवाल भी सुनाई दे गए।
