- बहादुरगढ़ में पूर्व MLA नफे राठी की श्रद्धांजलि सभा
बहादुरगढ़ में इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने पूर्व विधायक नफे सिंह राठी की प्रथम पुण्यतिथि पर सरकार के खिलाफ अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। उन्होंने न केवल आंदोलन की चेतावनी दी, बल्कि हत्याकांड से दो दिन पहले हुई अपनी आखिरी मुलाकात के भावुक किस्से भी साझा किए।
झज्जर के बहादुरगढ़ में बुधवार को पूर्व विधायक और इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में लोग राठी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। अभय चौटाला ने सीधा आरोप लगाया कि सरकार उन लोगों को बचाने का काम कर रही है, जिन्होंने राठी की हत्या का षड्यंत्र रचा। उन्होंने सरकार को इस पर विधानसभा से सड़क तक आंदोलन की धमकी दी।
अभय ने कहा कि “मैंने कई बार सरकार को लिखा, अधिकारियों और खुद मुख्यमंत्री से चर्चा की। लेकिन जिस तरह से देरी हो रही है, उससे साफ है कि कहीं न कहीं ऊपर से प्रेशर है और साजिशकर्ताओं को प्रोटेक्शन दिया जा रहा है।”
अभय ने कहा कि हम इस विधानसभा सत्र में फिर से मुख्यमंत्री से पूछेंगे कि और कितना समय चाहिए? अगर सही जवाब नहीं मिला, तो हम एक ऐसी समय सीमा तय करेंगे, जिसके बाद सरकार को मजबूर करने वाला बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।”
हत्या से दो दिन पहले मैंने टोका था – भावुक हुए अभय
लोगों को संबोधित करते हुए अभय चौटाला ने 23 फरवरी 2024 की उस मुलाकात को याद किया, जो नफे सिंह राठी की हत्या से ठीक दो दिन पहले हुई थी। अभय चौटाला ने कहा कि… मैंने उनके साथ रहने वाले लड़के संजीत और खुद राठी साहब से कहा था कि जो जानकारी मुझे मिली है, उस हिसाब से आपको सावधान रहना चाहिए।
मैंने यहां तक कहा था कि अगर जरूरत है तो मेरे स्टाफ के सुरक्षाकर्मियों को अपने साथ ले जाओ, लेकिन अपना ध्यान रखो। उन्होंने हंसकर मेरी बात टाल दी और कहा— ‘जिस दिन (मौत) आई होगी, उसे कौन टाल पाएगा’। किसी को नहीं पता था कि दो दिन बाद ऐसा हादसा हो जाएगा।”
पेंशन की तरह न्याय के लिए भी झुकाएंगे सरकार को
चौधरी देवीलाल के समय की पेंशन बहाली का उदाहरण देते हुए अभय चौटाला ने कहा कि जिस तरह इनेलो ने संघर्ष कर बुजुर्गों की पेंशन वापस दिलवाई, उसी तरह नफे सिंह राठी के परिवार को भी न्याय दिलाएंगे। उन्होंने राठी को एक महान संगठनकर्ता बताया, जो विपक्ष में रहते हुए भी लोगों की समस्याओं के लिए प्रशासन से लड़ जाते थे।
साथ ही उन्होंने कहा कि परिवार और समर्थकों को विश्वास दिलाता हूं कि पार्टी का हर साथी आपके साथ खड़ा है। जब तक षड्यंत्रकारी जेल की सलाखों के पीछे नहीं जाते, हम पीछे नहीं हटेंगे।
छोटे आरोपियों को गिरफ्तार किया
चौटाला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अब तक केवल छोटे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि हत्या की साजिश रचने वाले असली गुनहगार अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उन्होंने दोहराया कि इनेलो का हर कार्यकर्ता नफे सिंह राठी को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर उतरने को तैयार है।
2024 में हुई थी नफे सिंह राठी की हत्या
नफे सिंह राठी की हत्या 25 फरवरी 2024 को बहादुरगढ़ के बराही रोड रेलवे फाटक के पास हुई थी। बदमाशों ने उनकी गाड़ी पर अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी यूके में बैठे गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू ने सोशल मीडिया के माध्यम से ली थी।
ये चार हत्यारोपी भगौड़े करार
इस हत्याकांड में यूके में बसे कुख्यात बदमाश कपिल सांगवान उर्फ नंदू, शूटर अतुल गुलिया व नकुल सांगवान औऱ एक अन्य आरोपी खुशप्रीत लाठर फिलहाल फरार हैं, जिन्हें कोर्ट द्वारा भगौड़ा घोषित कर रखा है।
दो मेन हत्यारोपी अभी फरार
पुलिस ने इस मामले में अब तक दो शूटरों सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, दो मुख्य हमलावर अभी भी फरार हैं। इस स्थिति को लेकर नफे सिंह राठी के परिवार और इनेलो कार्यकर्ताओं में असंतोष है। अभय चौटाला ने स्पष्ट किया कि जब तक नफे सिंह राठी को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा और इनेलो इस मामले को हर मंच पर उठाएगी।
