• लाडो लक्ष्मी योजना से AAP की एक हजार महीना स्कीम को टारगेट

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बतौर वित्त मंत्री 2.23 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया। इस बजट की खास बात यह रही कि हरियाणा का होने के बावजूद इसमें पंजाब की झलक दिखाई दी। मुख्यमंत्री सैनी की केसरिया पगड़ी से लेकर बजट भाषण में सिख गुरुओं का नाम लेना इसके सीधे संकेत थे।

दूसरा, लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ाना। सरकार यह संदेश देना चाह रही है कि वह महिलाओं को 2100 रुपए देने के प्रति गंभीर है। 2022 में पंजाब चुनाव जीतने के बाद आम आदमी पार्टी ने महिलाओं को एक हजार रुपए देने का वादा किया था, हालांकि, यह वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इनके जरिए भाजपा कहीं न कहीं 2027 में पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव पर फोकस कर रही है। भाजपा यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि हरियाणा में तो सरकार महिलाओं को पैसे दे रही है, जबकि AAP सरकार अभी तक नहीं दे पाई है।

OBC वोटरों पर नजर, घोषणा में ज्यादा कुछ नहीं

पंजाब में 31% वोटर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से हैं। मुख्यमंत्री नायब सैनी भी OBC समाज से आते हैं। सैनी पंजाब में लगातार सक्रिय हैं और रैलियों से लेकर नेताओं के पार्टी में शामिल होने तक के कार्यक्रमों में नजर आ रहे हैं। भाजपा, सैनी के जरिए पंजाब के OBC वोटरों को साधने की कोशिश कर रही है। हालांकि, हरियाणा बजट में OBC वर्ग के लिए कुछ बड़ी घोषणाएं नहीं की गईं हैं। सिर्फ इंडस्ट्री के लिए प्लॉटों में OBC वर्ग को 10% की छूट देने की घोषणा की गई। इस घोषणा का पंजाब से सीधा कोई लिंक नहीं दिखता।

लाडो लक्ष्मी योजना से पंजाब की महिला वोटरों को मैसेज

पॉलिटिकल एनालिस्ट डॉ. सतीश त्यागी का मानना है कि यह बजट पंजाब केंद्रित है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री का पंजाब पर ज्यादा फोकस है। मुख्यमंत्री का एक पैर हरियाणा में तो दूसरा पंजाब में रहता है। मुख्यमंत्री कई मौकों पर सिख पगड़ी पहने नजर आते हैं और बजट भाषण में भी उनका पगड़ी पहनना चौंकाने वाला था, क्योंकि उस समय पूरे देश की नजर हरियाणा के बजट पर होती है, खासकर पंजाब और दिल्ली की।

भाजपा के पास पंजाब में कोई बड़ा और प्रभावशाली चेहरा नहीं है, इसलिए मुख्यमंत्री हरियाणा की नीतियों के जरिए पंजाब के वोटरों को यह दिखाने का प्रयास कर रहे हैं कि भाजपा सरकार सिखों की सबसे बड़ी हिमायती है। हरियाणा में सिखों का वोट बैंक भी है, जो कई सीटों पर निर्णायक है।

पंजाब में भगवंत मान ने भी महिलाओं के खाते में एक हजार रुपए डलवाने की बात कही थी, लेकिन हरियाणा के मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ाकर पंजाब में महिला वोटरों को संदेश देने का काम किया है।

लाडो लक्ष्मी योजना 6 लाख लाभार्थी और शामिल

हरियाणा में महिलाएं आधी आबादी के रूप में हैं। इसके अलावा वह पुरुषों के मुकाबले वोटिंग प्रतिशत में भी आगे रहती हैं। यही वजह है कि सीएम नायब सैनी ने महिलाओं को साधने के लिए अपने पहले बजट के बाद अब दूसरे बजट में भी दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ाया है।

CM सैनी ने पहले फेज में 1.40 लाख तक आय वाले परिवारों की महिलाओं को लाभ दिया, जिनकी संख्या साढ़े 9 लाख के करीब है। अब यह लाभ 1.80 आय वाली महिलाओं को भी मिलेगा। इससे सीधा 6 लाख लाभार्थी बढ़ जाएंगी। इस योजना के अलावा, CM ने महिलाओं को एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (ATS) में नौकरी देने, ड्रोन दीदी, पुलिस भर्ती, आंगनवाड़ी, पिंक कैब जैसी योजनाओं से भी साधने की कोशिश की है।

अग्निवीरों को राहत से 5 जिलों पर फोकस

हरियाणा में भारतीय सेना को सबसे ज़्यादा सैनिक देने वाला जिला रेवाड़ी है, जहां से लगभग 25 हजार युवा सेना में हैं। इसके अलावा, भिवानी, झज्जर, रोहतक और महेंद्रगढ़ ज़िले भी सेना में बड़ी संख्या में जवान भेजने के लिए जाने जाते हैं। राज्य से लगभग 1.75 लाख से ज्यादा जवान सेना में हैं। मतदाताओं की संख्या के हिसाब से यह एक बड़ा वर्ग है।

इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने अग्निवीरों को पुलिस में 20% आरक्षण और अगले साल 1300 अग्निवीरों की पुलिस में विशेष भर्ती किए जाने की घोषणा की है। इस साल अग्निवीरों के पहले बैच का कार्यकाल पूरा हो रहा है। पहले बैच में हरियाणा के 2227 युवा भर्ती हुए थे। पिछले 4 सालों में प्रदेश से लगभग 8 हज़ार अग्निवीर भर्ती हुए हैं