• राज्यसभा चुनाव आया तो सीएम दरबार में पहुंचे, हांसी रैली में दिया बयान

जननायक जनता पार्टी (JJP) की आज (शुक्रवार को) रैली हुई। इसे लेकर सिरसा से पार्टी कार्यकर्ता एवं नेता रैली के लिए रवाना हुए। शुक्रवार सुबह ही सभी कार्यकर्ता एवं नेता पार्टी मुख्यालय पर एकजुट हुए। ज्यादातर कार्यकर्ता अपने-अपने गंतव्यों से ही हांसी रैली के लिए रवाना हो चुके हैं, ताकि रैली स्थल में भीड़-भाड़ की स्थिति न हो।

हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने नाम न लेते हुए हांसी रैली मंच से इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला के सीएम से मिलने जाने पर सियासी कटाक्ष करते हुए बोले-मंडी में इस वक्त एक दाना भी नहीं है। जब दाने मंडी में थे तो एक दिन भी मुख्यमंत्री के पास नहीं गए, पर राज्यसभा के लिए अपने दो वोट गिरवी करने के लिए मंडी का बहाना लेकर मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंच गए।

अगले चुनाव में तो 33 प्रतिशत भागीदारी तुम्हारी भी हो जाएगी

साथियों, ये सब तो देखो कि चौ. देवीलाल की सोच में इस तरह गिरवी होना लिखा था। मगर अब आपने फैसला करना है, आपने लड़ाई लड़नी है। मेरी माताएं-बहनें बैठी है। अगले चुनाव में तो 33 प्रतिशत भागीदारी तुम्हारी भी हो जाएगी। आज मैदान संभालना शुरू करोगी तो नंबर आएगा।

गौरतलब है कि कल वीरवार शाम को इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने सीएम सैनी से मुलाकात की। साथ ही खरीद केंद्रों को तुरंत शुरू करने बारे ज्ञापन भी सौंपा। सीएम से मुलाकात के बाद अभय सिंह चौटाला ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था कि हरियाणा की मंडियों के खरीद केंद्रों में मार्केट कमेटियों द्वारा लाइसेंस न देने के कारण किसानों को उनकी फसल बेचने में आ रही मुश्किलों के मुद्दे को लेकर मिले हैं।

राज्यसभा चुनाव को लेकर अभय सिंह चौटाला ने नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा था कि इस चुनाव में भूपेंद्र सिंह हुड्डा की तसल्ली करवा दूंगा। इंडियन नेशनल लोकदल को बीजेपी की बी टीम कहने से पहले हुड्डा अपनों को संभालें। इसी पर दुष्यंत चौटाला ने पलटवार किया है।

पार्टी का दावा:बड़ी संख्या में सिरसा से लोग रैली में पहुंचे

पार्टी की ओर से दावा किया जा रहा है कि बड़ी संख्या में लोग सिरसा से हांसी रैली के लिए रवाना होंगे। सूत्रों की मानें, तो जजपा सुप्रीमो अजय सिंह चौटाला इस रैली के माध्यम से अगला चुनाव लड़ने की भी घोषणा कर सकते हैं। लोकसभा या विधानसभा में किस सीट से, ये अभी तय नहीं हुआ है।

हालांकि, जजपा सुप्रीमो अजय चौटाला का भी पिछले दिनों निजी सोशल मीडिया चैनल पर दिए इंटरव्यू में बयान आया था कि सजा के चलते जो चुनाव लड़ने की बंदिश लगी थी, वो इस साल 2025 के अंत तक हट जाएगी। इसके बाद वे भी चुनाव लड़ सकते हैं। 2026 में वे ही पार्टी चुनाव का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने ये नाम नहीं लिया था कि किस सीट से चुनाव लड़ेंगे।