• विधायक पत्नी भी दे सकतीं इस्तीफा
  • राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले 5 MLA में नाम

हरियाणा में राज्यसभा चुनाव में हारते-हारते बची कांग्रेस में कलह बढ़ गई है। पार्टी उन 5 विधायकों को नोटिस देने की तैयारी में है, जिन्होंने क्रॉस वोट किया। इसी बीच कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रामकिशन गुर्जर ने पार्टी छोड़ दी है। उनकी पत्नी शैली चौधरी नारायणगढ़ से विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव की वोटिंग के दौरान (16 मार्च) शैली CM नायब सैनी के पॉलिटिकल सचिव तरुण भंडारी के साथ नजर आईं थी।

सोर्सेज के मुताबिक, शैली चौधरी भी इस्तीफा दे सकती हैं। ऐसी स्थिति में प्रदेश में उपचुनाव की नौबत आएगी। बताया जा रहा है कि इसकी पूरी स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी है। रामकिशन व शैली चौधरी की गिनती सांसद कुमारी सैलजा के करीबियों में होती है।

नारायणगढ़ मुख्यमंत्री नायब सैनी का गृह क्षेत्र है। वह खुद 2014 में यहां से विधायक बने थे। तब उन्होंने रामकिशन गुर्जर को ही चुनाव हराया था।

कांग्रेस के 5 विधायकों ने पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी कर्मवीर बौद्ध की बजाय निर्दलीय सतीश नांदल को वोट दिया। इनमें से 4 विधायक तो 3 दिन तक हिमाचल में कांग्रेस की बाड़ाबंदी में भी रहे। बावजूद इसके वो BJP समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी के संपर्क में आ गए।
इसी बीच, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने पांचों विधायकों के नाम हाईकमान को भेज दिए हैं। उन पर कार्रवाई होगी।

मंत्री कृष्णपाल के समधी, वहां से जुड़ा लिंक

रामकिशन गुर्जर व शैली चौधरी की छोटी बेटी की शादी केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के भतीजे उत्कर्ष चौधरी से हुई है। सूत्रों के मुताबिक, इसी रिश्तेदारी के जरिए भाजपा ने कांग्रेस की वोट में सेंध लगाने की तैयारी की। हालांकि शैली चौधरी लगातार कांग्रेस विधायकों के साथ बनी रहीं और उनके साथ 3 दिन तक हिमाचल में भी रहीं।

भाजपा में शामिल कर टिकट दिलाने की बात हुई

सूत्रों के मुताबिक, तय हुआ कि पहले रामकिशन गुर्जर पार्टी छोड़ेंगे। उसके बाद कांग्रेस का रुख देखकर शैली चौधरी अगला कदम उठाएंगी। शैली को यदि कांग्रेस पार्टी से निकालती है तो उनकी विधायकी सुरक्षित रह सकती है, लेकिन खुद पार्टी छोड़ने की दशा में वो अयोग्य घोषित होंगी। बताया जा रहा है कि उन्हें उपचुनाव होने की दशा में भाजपा से टिकट दिलाने का भरोसा मिला है।

हिमाचल में भी संपर्क हुआ, कांग्रेस को भनक भी लगी

‘विधायक बचाओ मिशन’ के तहत कांग्रेस ने अपने 31 विधायकों को हिमाचल भेजा। उनमें शैली चौधरी भी थीं। वहां गलू के होटल में रहीं। फिर 15 मार्च को सभी विधायकों को कसौली के रमाडा होटल में शिफ्ट किया गया। इसी दौरान कांग्रेस को भनक भी लग गई थी कि बाड़ाबंदी के बावजूद पार्टी के कुछ विधायक भाजपा समर्थित निर्दलीय के संपर्क में हैं।

कांग्रेस नेताओं ने नजर बनाए रखी, वोटिंग का इंतजार किया

मीडिया रिपोर्ट्स में पार्टी प्रभारी बीके हरिप्रसाद के हवाले से यह खबर भी सामने आई थी कि शिमला में उनके विधायकों की होर्स ट्रेडिंग का प्रयास हुआ। इस संबंध में शिमला पुलिस को शिकायत देने की बात भी कही गई। हालांकि दैनिक भास्कर एप से बातचीत में शिमला एसपी गौरव ने कहा कि ऐसी कोई शिकायत नहीं आई।

वोटिंग के दौरान ही 5 विधायक शक के दायरे में आए

कांग्रेस के पोलिंग एजेंट के तौर पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा और पार्टी प्रभारी बीके हरिप्रसाद अंदर बैठे। पार्टी के सभी विधायकों को वोट डालने से पहले इन्हें अपना बैलेट दिखाना जरूरी था। बताया जा रहा है कि इसी दौरान 5 विधायक शक के दायरे में आ गए। मंगलवार को मीडिया के सामने आए हुड्डा ने कहा कि हमने पांचों नाम हाईकमान को बता दिए हैं।

सुसाइड केस में बेल पर हैं रामकिशन

हुड्डा सरकार में मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) रहे रामकिशन गुर्जर का नाम नारायणगढ़ में एक पत्रकार के सुसाइड केस में आया था। इस केस में सेशन कोर्ट ने गुर्जर को 4 साल की सजा सुनाई। वो अभी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत पर हैं। केस में नाम आने के वजह से गुर्जर 2019 में विधानसभा चुनाव नहीं लड़े और पत्नी शैली चौधरी की पॉलिटिकल लॉन्चिंग की गई।