• 16 जगहों पर विजिट, 100 कार्यकर्ताओं से की पड़ताल

सीएम के कार्यक्रम से मंत्री और 3 विधायकों की गैरमौजूदगी से उठी आग का धुआं दिल्ली तक पहुंच गया है। विवाद बढ़ता देख बुधवार को दो विधायकों ने प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के दरबार में हाजिरी लगाकर डैमेज कंट्रोल भी शुरू कर दिया है। इसका कितना असर होगा। भाजपा अनुशासन तोड़ने वालों पर एक्शन लेगी या राव इंद्रजीत सिंह के सामने एक बार फिर समर्पण करेगी। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

फिलहाल तो सभी की निगाहें मुख्यमत्री द्वारा दिल्ली से भेजी गई स्पेशल टीम की रिपोर्ट पर लगी हुई हैं।

कार्यकर्ताओं से फोन पर संपर्क

बुधवार को सीएम की 7 सदस्यीय टीम स्पेशल टीम दिल्ली से रेवाड़ी पहुंची। जहां से टीम 16 जगह पहुंची और 100 से अधिक कार्यकर्ताओं से फिजिकल और मोबाइल पर संपर्क किया। जिसके बाद टीम वापस दिल्ली लौट गई। अपने रेवाड़ी दौरे के दौरान जिला भाजपा के एक सीनियर पदाधिकारी साथ रहे। मंत्री व 3 विधायकों की गैरमौजूदगी से उठा विवाद अहीरवाल की राजनीति में बुधवार को दूसरे दिन भी चर्चा का विषय बना रहा। भाजपा का कोई भी पदाधिकारी इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

विपक्ष ने को भी मिला मौका

मंगलवार को सीएम के कार्यक्रम से नदारद रहे बावल के विधायक डॉ. कृष्ण कुमार बुधवार को एक कार्यक्रम में पहुंचे। जिससे वह पत्रकारों के सवालों का जवाब दिए बिना ही निकल गए। बुधवार को पूर्व मंत्री जसवंत सिंह ने कहा कि सोमवार शाम तक बावल के विधायक खुद कार्यक्रम की तैयारियों में लगे थे। रात को अचानक क्या हुआ पता नहीं।

विधायक ने न केवल मुख्यमंत्री का अपमान किया, बल्कि क्षेत्र की जनता के जनादेश का भी अनादर किया है। इससे जिले में भाजपा की गुटबाजी और अनुसाशनहीनता खुलकर जनता के सामने आ गई।

जानिए कैस चला दौरा

पार्टी सूत्रों के अनुसार सीएम सिक्योरिटी की 7 सदस्यी टीम बुधवार सुबह दिल्ली से रेवाड़ी पहुंची। एक सीनियर भाजपा पदाधिकारी को अपने साथ लिया। टीम रेवाड़ी से चलकर खोरी होते हुए भालखी- माजरा, शोभा की ढाणी, अहरोद, बासदूदा, भांडोर, सुलखा, टांकड़ी, मोहनपुर, बावल, आईएमटी, गुजर माजरी, गढ़ी बोलनी, कमालपुर और भाड़ावास होते हुए वापस रेवाड़ी पहुंची। रेवाड़ी में लंच करने के बाद टीम वापस दिल्ली लौट गई।

रेवाड़ी में अपने प्रवास के दौरान टीम ने रेवाड़ी से बावल होते हुए 16 से अधिक स्थानों पर पहुंची। इस दौरान कई पदाधिकारियों से फिजिकल तो कई से फोन पर बात कर मंगलवार को हुए घटनाक्रम की जानकारी ली। कई कार्यकताओं की बातचीत उनकी स्वीकृति से वाइस रिकॉर्डिंग की।

टीम की रिपोर्ट पर निगाह

रेवाड़ी दौरा कर टीम अगले 2-3 दिन में अपनी रिपोर्ट सीएम को सौंप देगी। ऐसे में सीएम रिपोर्ट मिलने के बाद खुद एक्शन लेंगे या पार्टी हाईकमान को सौपेंगे यह तो आने वाले वक्त बताएगा। फिलहाल तो अब सभी की निगाह सीएम की स्पेशल टीम पर टिकी हुई है।

ऐसे समझे पूरा विवाद

एचएयू हिसार ने 30 जून को बावल कृषि कॉलेज में खेत बचाओ अभियान का समापन समारोह आयोजित किया। जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पहुंचे थे। स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह और जिला के तीनों भाजपा विधायक और 5 मंडल अध्यक्ष गायब नजर आए। अहीरवाल की राजनीति में कयासों का नया दौर शुरू हो गया है।

कुछ इसे प्रोटोकॉज से जोड़ रहे हैं, तो कुछ केंद्रीय मंत्रीमंडल के फेरबदल से पहले प्रेशर पॉलीटिक्स। कारण चाहे जो भी हो, फिलहाल तो यह मुद्दा प्रदेश विशेषकर अहीरवाल की राजीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।

अब तक रामपुरा और बूढ़पुर हाउस की राजनीति लड़ाई अहीरवाल भाजपा में चर्चा बनी रहती थी। भाजपा के दो दिग्गजों की लड़ाई में पिछले कुछ महीनों से जिला भाजपा जिला कार्यकारिणी की अधिकतर टीम रामपुरा हाउस में आस्था दिखाने के लिए बूढपुर हाउस से दूरी बनाकर चल रही है। अब अहीरवाल भाजपा के साथ एक नया विवाद और जुड़ गया है। जिसकी गूंज पिछले 2 दिन से दूर तक सुनाई दे रही है।