• सोनीपत निफ्टेम में एनवेश-2026 का शुभारंभ

सोनीपत जिले के कुंडली में स्थित राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान में 3 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “एनवेश-2026” का शुभारंभ हुआ। इस सम्मेलन में 25 से अधिक देशों के विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और नीति-निर्माता भाग ले रहे हैं। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र निर्णायक भूमिका निभाएगा। इस दौरान चिराग पासवान ने राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री का बिना तथ्यों के विरोध करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला
मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री का बिना तथ्यों के विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को विदेशों में सर्वोच्च सम्मान मिल रहे हैं और भारत की वैश्विक छवि मजबूत हुई है।

यूपीआई तकनीक और अन्य सुधारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिन पहलों का पहले विरोध हुआ, वही आज देश के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी ट्रेड डील में देशहित सर्वोपरि रहेगा और प्रधानमंत्री जनता के हितों के खिलाफ कोई समझौता नहीं करेंगे।

मूल्य संवर्धन और वैश्विक फूड बास्केट

मंत्री ने कहा कि रेडी-टू-ईट और रेडी-टू-कुक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारत के पास उत्पादन क्षमता है, अब आवश्यकता मूल्य संवर्धन की है। उन्होंने बताया कि कृषि उत्पादों के व्यापार में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति से किसानों की आय बढ़ाने और भारत को वैश्विक ‘फूड बास्केट’ बनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पाद विश्व की हर डाइनिंग टेबल तक पहुंचने चाहिए।

स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण भोजन की बढ़ती मांग

उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण विश्व स्तर पर सुरक्षित और पौष्टिक खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ी है। भारत इस मांग को पूरा करने की क्षमता रखता है। युवाओं को नई तकनीक अपनाकर इस क्षेत्र में नवाचार करने की जरूरत है।

तकनीक और आधुनिक ढांचे पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में आधुनिक मशीनरी, कोल्ड चेन, उन्नत पैकेजिंग और डिजिटल सप्लाई चेन को अपनाना अनिवार्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस क्षेत्र में लिए गए नीतिगत निर्णयों का उद्देश्य भारत को वैश्विक फूड बास्केट बनाना है।

हर कोने तक पहुंचे भारतीय उत्पाद

उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि दुनिया के हर देश में भारतीय खाद्य उत्पाद उपलब्ध हों और भारत की विविधता व गुणवत्ता वैश्विक पहचान बने। प्रत्येक राज्य अपनी विशिष्ट कृषि और खाद्य परंपराओं को ब्रांडिंग और प्रोसेसिंग के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाए।