• अमेरिका से लौटकर समर्थकों संग मीटिंग करेंगे कुलदीप

हिसार के पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई का अब भाजपा से मोहभंग होता नजर आ रहा है। असम और पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद भी बिश्नोई परिवार ने पार्टी को कोई बधाई नहीं दी।

उनके बेटे और पूर्व विधायक भव्य बिश्नोई ने हरियाणा भाजपा के युवा प्रभारी होने के बावजूद भी पार्टी को जीत का कोई बधाई संदेश नहीं दिया। भव्य ने विधानसभा चुनाव में असम की 3 सीटों (खुमटाई, गुवाहाटी सेंट्रल और सादिया) पर प्रचार किया था। पार्टी को इन तीनों सीटों पर जीत मिली, मगर भव्य ने पार्टी का नाम न लेकर सीधे प्रत्याशियों को बधाई संदेश दिया।

अब कुलदीप बिश्नोई के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं। कुलदीप बिश्नोई के निजी सचिव अभिषेक ने बताया कि अगले हफ्ते 16 मई तक वह अमेरिका से वापस आ सकते हैं। इसके बाद समर्थकों की बैठक बुला सकते हैं। कुलदीप ने इससे पहले भी कांग्रेस छोड़ने से पहले समर्थकों की राय जानी थी। जिसके बाद भाजपा जॉइन की थी।

भाजपा में ही रहे कुलदीप

कुलदीप बिश्नोई भाजपा के बड़े नेताओं से मिलकर राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा द्वारा माफी मांगने का मुद्दा उठा सकते हैं। हालांकि प्रदेश स्तरीय नेताओं के बयानों से साफ है कि रेखा शर्मा अपने बयान पर कायम रहेगी। हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली इसे रेखा शर्मा का निजी बयान कहकर मामले से पल्ला झाड़ चुके हैं। हालांकि मनोहर लाल खट्‌टर ने विवादों को सुलझाने की बात कही, मगर उन्होंने भी रेखा शर्मा के बयान की निंदा नहीं की।

हजकां को एक्टिव करना

कुलदीप बिश्नोई अपनी पुरानी पार्टी हजकां को एक्टिव कर सकते हैं। मगर इसके लिए चुनाव आयोग की गाइडलाइन को उनको देखना होगा। हालांकि चुनाव आयोग उसी परिस्थितियों में विलय के बाद दोबारा पार्टी गठन की अनुमति देता है, जब उसी नाम से कोई राजनैतिक दल न बना हो, इसलिए कुलदीप बिश्नोई को चुनाव आयोग की अनुमति के बाद ही हजकां का नाम और पहचान वापस मिल सकती है।

कांग्रेस में दोबारा जाना

कुलदीप बिश्नोई के पास तीसरा ऑप्शन दोबारा कांग्रेस में जाने का है। वह इससे पहले भी कांग्रेस में जा चुके हैं, मगर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा से अनबन के चलते उन्होंने पार्टी छोड़ी थी। उन पर राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग का भी आरोप लग चुका है। उनके बड़े भाई चंद्रमोहन पहले से ही कांग्रेस में है और कांग्रेस नेता कमारी सैलजा के करीबी माने जाते हैं।

सैलजा के करीबी हैं चंद्रमोहन

चंद्रमोहन बिश्नोई हरियाणा में कांग्रेस के अनुभवी विधायकों में से एक हैं। उन्होंने पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्‌डा के समकक्ष ही राजनीति की शुरुआत की थी। पहली बार 1993 में कालका से विधायक बने थे और अब 5 वीं बार पंचकूला से विधायक चुने गए हैं। चंद्रमोहन की गिनती सैलजा गुट के बड़े नेताओं में होती है। चंद्रमोहन ने कुमारी सैलजा के लिए अपने भाई कुलदीप बिश्नोई के एरिया में कांग्रेस का प्रचार किया था। हालांकि दोनों भाई एक दूसरे के क्षेत्र में प्रचार से बचते रहे हैं। लोकसभा चुनाव में चंद्रमोहन ने फतेहाबाद जिले में कुमारी सैलजा के लिए प्रचार किया था। चंद्रमोहन हरियाणा में डिप्टी CM भी रहे हैं।

रेखा शर्मा का वो बयान, जिस पर विवाद हुआ

राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने पंचकूला में भाजपा के मेयर प्रत्याशी श्यामलाल बंसल के नामांकन से पहले हुई जनसभा में पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल को लेकर विवादित बयान दिया था।

उन्होंने कहा था-इस एरिया में भजनलाल और उनके बेटे चंद्रमोहन की बदमाशी थी। बदमाशी करके इन्होंने इलेक्शन जीते थे। भाषण के दौरान रेखा शर्मा के मुंह से बंसीलाल भी निकला, लेकिन वह रुक गईं। उस समय मंच पर मुख्यमंत्री नायब सैनी भी मौजूद थे। इसका वीडियो भी सामने आते ही पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे व कांग्रेस विधायक चंद्रमोहन ने रेखा शर्मा को लीगल नोटिस भिजवाया था।